लॉक डाउन अवधि में अति आवश्यक सेवाओं/ व्यापारिक गतिविधियों/ सामाजिक कार्यक्रमो के जिला अधिकारी हरिद्वार द्वारा सशर्त छूट का आदेश नोडल अधिकारी नियुक्त किये जिनकी सूचना निम्नलिखित है।
विषयः- गृह मन्त्रालय, भारत सरकार के आदेश सं0-40-3/2020-डी.एम.-1(ए)
दिनांक- 15.04.2020 के अनुसार कोविड-19 महामारी के नियंत्रण
हेतु लागू किया गया देशव्यापी लॉकडाउन, आदेश दिनांक 14.04.2020 के
द्वारा आपदा प्रबन्धन अधिनियम के अन्तर्गत दिनांक 03.05.2020 के सम्बन्ध
में जारी संशोधित गाईडलाईन के पालन के सम्बन्ध में।
गृह मन्त्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के आदेश संख्या-40-3/2020-डी.एम.-1
(ए) दिनांक- 15.04.2020 के अनुसार कोरोना वायरस (कोविड-19) के नियंत्रण
हेतु लागू किया गया, देशव्यापी लॉकडाउन दिनांक 14.04.2020 के द्वारा आपदा
प्रबन्धन अधिनियम के अन्तर्गत दिनांक 03.05.2020 तक लागू रहेगा।
उपरोक्त के क्रम में कॅन्सोलिडेटिड गाईडलाईन दिनांक 15.04.2020 को पुनः
जारी की गई है। आमजन की समस्याओं के समाधान हेतु भारत सरकार द्वारा कतिपय
निर्धारित अतिरिक्त गतिविधियों को दिनांक-20.04.2020 से संचालित किये
जाने की अनुमति प्रदान की गई है। इन गतिविधियों के सम्बन्ध में यह शर्त
रखी गई है कि सम्बन्धित गतिविधियां कन्टेनमेंट जोन/हॉट स्पाट्स में लागू
नहीं होगी एवं यदि कोई नया हॉट स्पाट्स शामिल किया जाता है तो वहॉ पूर्व
में दी गई अनुमति स्थगित हो जायेगी।
गृह मन्त्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा कोविड-19 के प्रभावी
रोकथाम के सम्बन्ध में जारी गाईडलाईन के अन्तर्गत लॉकडाउन अवधि दिनांक 3
मई 2020 तक जनपद में निम्नलिखित गतिविधियों हेतु प्रतिबन्धित रहेगी:-
प्रतिबन्ध:
(1) सभी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय हवाई यात्राएंे (मात्र सुरक्षा तथा
प्रस्तर 4(ग्प्) में लिखित उद्देश्य को छोडकर)
(2) ट्रेनों द्वारा यात्रा की अवाजाही (मात्र सुरक्षा उद्देश्य को छोडकर)
(3) सभी सार्वजनिक परिवहन के साधन।
(4) मेट्रो रेल सेवाऐं।
(5) चिकित्सा कारणों एवं इन दिशा-निर्देशों के तहत प्रदान की गयी अनुमति
को छोडकर व्यक्तियों का अंतर-जिला और अंतर-राज्यीय आवागमन।
(6) सभी शैक्षणिक, प्रशिक्षण, कोचिंग संस्थान आदि बंद रहेंगे।
(7) विशेष रूप से इन दिशानिर्देशों के अन्तर्गत प्रदान की गयी अनुमति के
अलावा अन्य सभी औद्योगिक और वाणिजिक गतिविधियॉ।
(8) विशेष रूप से इन दिशानिर्देशों के अन्तर्गत प्रदान की गयी अनुमति के
अलावा अन्य सभी औद्योगिक और वाणिजिक गतिविधियॉ।
(9) इन दिशानिर्देशों में उल्लेखित अनुमति के अतिरिक्त अन्य सभी होटल एवं
आतिथ्य सेवाएॅ।
(10) टैक्सी (ऑटो रिक्शा ओर साइकिल रिक्शा सहित) और अन्य सभी टैक्सी की सेवाएॅ।
(11) सभी सिनेमा हॉल, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, व्यायामशाला, स्पोर्टस
कॉम्प्लेक्स, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार और ऑडिटोरियम,
असेंबली हॉल एवं अन्य समान स्थान।
(12) सभी सामाजिक/राजनीतिक/खेल/मनोरंजन/शैक्षणिक/सांस्कृतिक/धार्मिक
कार्यों/अन्य समारोह।
(13) सभी धार्मिक स्थल/पूजा स्थल जनता के लिए प्रतिबन्धित रहेगें।
धार्मिक समारोह पर सख्त प्रतिबन्ध रहेगा।
(14) अंतिम संस्कार किये जाने हेतु 20 से अधिक व्यक्तिओं को अनुमति
प्रदान नहीं की जायेंगी।
2- हॉटस्पॉट्स तथा कन्टेन्टमेन्ट जोन के संचालन हेतु दिशानिर्देशः-
(1) हॉटस्पॉट्स यानी बडे ब्वअपक . 19 के प्रकोप वाले क्षेत्रों का
चिन्हीेकरण ब्वअपक . 19 के प्रसार के दृष्टिगत स्वास्थ्य और परिवार
कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (डव्भ्थ्ॅ) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार
किया जाएगा।
(2) इन हॉट स्पॉट्स में, सम्बन्धित उप जिलाधिकारी द्वारा कन्टेन्टमेन्ट
जोन का सीमांकन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार
(डव्भ्थ्ॅ) के दिशा निर्देशों के अनुसार किया जायेगा।
(3) इन दिशा-निर्देशों के अन्तर्गत विभिन्न गतिविधियों हेतु प्रदान की
गयी अनुमति कन्टेन्टमेन्ट क्षेत्रों में प्रभावी नहीं होगी। आवश्यक
क्षेत्रों (चिकित्सा आपात स्थिति और कानून और व्यवस्था से सम्बन्धित
कर्तव्यों सहित) और सरकारी कार्यों की निरंतरता को छोडकर, इन क्षेत्रों
से जनसमुदाय की कोई अनियंत्रित आवाजाही नहीं होगी। यह सुनिश्चित करने के
लिए निर्धारित क्षेत्र सख्त परिधि नियंत्रण के अन्तर्गत होगा। स्वास्थ्य
एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (डव्भ्थ्ॅ) द्वारा इस सम्बन्ध
में जारी किए गए दिशा-निर्देशों का अनुपालन सम्बन्धित उप जिलाधिकारी
द्वारा सख्ती से सुनिश्चित किया जाय।
3- 20 मई 2020 से प्रभावी अनुमन्य गतिविधियॉः-
(1) जनता की परेशानी को कम करने के लिए कुछ अतिरिक्त गतिविधियों के
संचालन हेतु अनुमति 20 अप्रैल 2020 से लागू की जा रही है। ये सीमित छूट
मौजूदा दिशा-निर्देशों के सख्त अनुपालन के आधार पर अधोहस्ताक्षरी के स्तर
से नामित प्राधिकारी द्वारा निर्धारित की जायेगी। इसके अतिरिक्त कुछ
गतिविधियों की अनुमति देने से पहले, यह सुनिश्चित किया जाय कि
कार्यालयों, कार्यस्थलों, कारखानों और प्रतिष्ठानों में मानक संचालन
प्रक्रियाओं ;ैव्च्) के अनुसार ैवबपंस क्पेजंदबपदह का अनुपालन करते हुए
सभी व्यवस्थाए क्षेत्रीय स्थिति के अनुसार की जायेगी तथा परिस्थिति के
अनुसार व सशर्त होगी।
(2) उपरोक्त चुनी हुई अनुमन्य गतिविधियों के लिये जारी किये गये संशोधित
दिशा-निर्देशों को नीचे दिए गए पैरा 5-20 में विस्तार से बताया गया है।
4- लॉकडाउन दिशा-निर्देशों का सख्त अनुपालनः-
(1) समस्त सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी, जनपद-हरिद्वार,
आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 के अन्तर्गत जारी किये गये दिशा-निर्देशों का
कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करायेगें। किसी भी दशा में इन दिशा-निर्देशों
का शिथिलीकरण अनुमन्य नहीं होगा।
(2) राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश की सरकारें, स्थानीय क्षेत्रों की
आवश्यकता के अनुसार इन दिशा-निर्देशों के आधार पर अन्य सख्त उपाय कर सकती
हैं।
5- निम्नलिखित सभी स्वास्थ्य सेवाएंे (आयुष विभाग सहित) संचालित रहेंगीः-
(1) अस्पताल, नर्सिंंग होम, क्लीनिक, टेलीमेडिसिन सुविधाएं।
(2) औषधालय, रसायनज्ञ, च्ींतउंबपमेए जनऔषधि केन्द्र और चिकित्सा उपकरण की
दुकानों सहित सभी प्रकार की दवा दुकानें।
(3) चिकित्सा अस्पताल, डिपेंसरी, क्लीनिक, पैथोलॉजी लैब, वैक्सीन और दवा
की बिक्री और आपूर्ति।
(4) फार्मास्युटिकल और मेडिकल रिसर्च लैब, ब्वअपक.19 सम्बन्धित अनुसंधान
करने वाले संस्थान।
(5) पशु चिकित्सा अस्पताल, डिस्पेंसरी, क्लीनिक, पैथोलॉजी लैब, वैक्सीन
और दवा की बिक्री और आपूर्ति।
(6) आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति करने वाले अधिकृत निजी प्रतिष्ठान या
ब्वअपक .19 की रोकथाम का कार्य कर रही सेवायें जिसमें होम केयर
प्रोवाइडर, डायग्नोस्टिक्स शामिल है। अस्पतालों में दवायें तथा अन्य
उपकरणों की आपूर्ति करने वाली फर्में।
(7) दवाओं, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरणों, चिकित्सा ऑक्सीजन,
पैकेंजिग सामग्री, कच्चे माल और अन्य मध्यवर्ती विनिर्माण सम्बन्धी
इकाईयॉ।
(8) चिकित्सा/स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का निर्माण एवं एंबुलेंस निर्माण
में लगी हुई इकाईयॉ।
(9) सभी चिकित्सा और पशु चिकित्सा कर्मियों, वैज्ञानिकों, नर्स, दवाईयॉ,
पैरा-मेडिकल स्टाफ, लैब तकनीशियनों की एंबुलेंस सहित आवाजाही (प्दजमत ंदक
पदजतं ेजंजम के साथ हवाई यात्राओं)।
6-कृषि और सम्बन्धित गतिविधियोंः-
(1) खेत में किसानों और खेत श्रमिकों द्वारा खेती का संचालन।
(2) न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आधारित परिचालनों सहित कृषि उत्पादों की
खरीद में लगी इकाईयॉ।
(3) कृषि उपज मंडी समितियों (।च्डब्) के अर्न्तगत अथवा राज्य/केन्द्र
शासित प्रदेश सरकारों के अधिन संचालित मंडियॉ जिनकों अधिसूचित किया गया
हैं। राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा उद्योगों का प्रत्यक्ष
विपणन संचालन, किसानों के समूह से सीधें या किसान उत्पादक संगठन योजना के
अर्न्तगत सहकारिता विकेन्द्रीकृत विपणन और खरीद आदि को राज्य/केन्द्र
शासित प्रदेश बढ़ावा दे सकते हैं।
(4) कृषि मशीनरी की दुकानें, इसके स्पेयर पार्ट्स (इसकी आपूर्ति श्रृंखला
सहित) और इनकी मरम्मत हेतु प्रतिष्ठानों को खुला रखा जा सकता हैं।
(5) उर्वरकों, कीटनाशकों और बीजों का विनिर्माण, वितरण और खुदरा।
(6) कटाई और बुवाई करने वाली संबन्धित मशीनों का आवागमन (प्दजमत - प्दजतं
ैजंजम) एवं संयुक्त अनाज काटने वाली मशीनों और अन्य कृषि/बागवानी
उपकरणों।
मत्सय पालनः निम्नलिखित गतिविधियों क्रियान्वित की जायेंगी।
1- मछली पकडना (समुद्री, तालाब, पोखर आदि) मछली उत्पादन सम्बन्धी उद्योग,
भोजन व रख-रखाव, कटान प्रसंस्करण, पैकेजिंग, कोल्ड चैन व विपणन सहित।
2- हैचरी, चारा संयत्र, वाणिजिक्य मछली उत्पादन।
3- मछली/झंगा व मछली उत्पाद, मछली बीज/चारा व समस्त कार्यों हेतु श्रमिक।
पशुपालनः निम्नलिखित गतिविधियों क्रियान्वित की जायेंगी।
1- दुग्ध व दुग्ध उत्पाद, दुग्ध उत्पादों का संग्रह, प्रसंस्करण, वितरण व
बिक्रि एवं आपूर्ति हेतु परिवहन।
2- पशु पालन फार्म, मुर्गी पालन व अन्य पशुपालन हेतु गतिविधियॉ का संचालन।
3- पशुओं हेतु चारे का उत्पादन हेतु उपयोग में लाये जाने वाला कच्चा माल
जैसे सोया व मक्का इत्यादि का उत्पादन।
4- पशुओं के शरण हेतु आश्रय स्थलों का निर्माण करना जैसे गौशाला इत्यादि।
7- वित्तीय क्षेत्र निम्नलिखित गतिविधियों क्रियान्वित की जायेंगी।
1- भारतीय रिजर्व बैंक व भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा संचालित वित्तीय
बाजार व अन्य संस्थायें जैसे- एन0पी0सी0एल0, सी0सी0आई0एल0 लेन देन का
संचालन आदि।
2- बैंको की शाखाओं व ए0टी0एम0, बैंकिग सेवाओं हेतु सूचना प्रौद्योगिकी
की प्रदाता फर्मो, ए0टी0एम0 का संचालन व कैश प्रबन्धन से जुडी संस्थायें।
2.1-समस्त बैंकिग शाखायें सामान्य सेवा अवधि के अन्तर्गत कार्य करेंगी जक
तक कि डी0बी0टी0 कैश हस्तांरण का कार्य पूर्ण न हो जायें।
2.2- स्थानीय प्रशासन सभी बैंको की शाखाओं को एवं बैंकिग संवादताओं एवं
खाता धारकों को सामजिक दूरी व कानून व्यवस्था बनाये जाने हेतु सुरक्षा
कार्मिक कराना सुनिश्चित करेगा।
3- भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड ;ैम्ठप्द्ध द्वारा अधिसूचित
;ैम्ठद्ध, पूॅजी व बाजार सेवायें।
4- प्त्क्।प् एवं बीमा कम्पनियॉ।
8- सार्वजनिक क्षेत्रः निम्नलिखित गतिविधियों क्रियान्वित की जायेंगी।
1- शिशु, दिव्यांग, मानसिक रूप से दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, महिलाओं व
विधवाओं हेतु आश्रय स्थलों का संचालन।
2- किशोर एवं किशोरियों हेतु संरक्षण/आश्रय स्थल।
3- वृद्धावस्था, विधवा, स्वंत्रता संग्राम सेनानियों हेतु कार्मिचारियों
भविष्य निधि संगठन द्वारा प्रदान की जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पंेंशन का
वितरण।
4- आंगनवाडी केन्द्रों का संचालन-15 दिनों में एक बार लाभार्थियों (जैसे-
बच्चे, महिलायें व स्तरनपान कराने वाली महिलाओं) के घर खाद्य पदार्थ एवं
अन्य पोषक तत्वों का वितरण। लाभार्थियों को आंगनबाडी केन्द्रों में
सम्मिलित होने की आवश्यकता नहीं हैं।
9- ऑन लाईन शिक्षण/दूर शिक्षण की गतिविधियों को बढाया जानाः-
1- सभी शिक्षण संस्थायें, प्रशिक्षण एवं कोचिंग संस्थान बन्द रहेंगे।
2- यद्यपि संस्थान अपने शैक्षिण कार्यक्रमों को ऑनलाईन माध्यम से संचालित
कर सकेंगे।
3-दूरदर्शन व अन्य शैक्षिण चैनलों का शिक्षण कार्य हेतु अधिकतम् उपयोग किया जायें।
10-मनरेगा कार्यों की अनुमतिः-
1- सामाजिक दूरी तथा मास्क का सख्ती से पालन करते हुये मनरेगा के समस्त
कार्यों का संचालन।
2- मनेरेगा कार्यों के अन्तर्गत सिचांई व जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता।
3-केन्द्रीय व राज्य सरकार की सिचांई व जल संरक्षण से सम्बन्धित समस्त
योजनाओं को मनरेगा कार्यों के अन्तर्गत समायोजित करते हुये किया जाना।
11- सार्वजनिक सेवायेंः निम्नलिखित कार्यों हेतु अनुमतिः-
1- मेल एवं प्राकृतिक गैस क्षेत्र जिसमें पैट्रोल, डीजल, मिटटी का तेल,
स0एन0जी0, एल0पी0जी0 एवं पी0एन0जी0 का शोधन, परिवहन, वितरण, भण्डारण व
बिक्री सम्मिलित हैं।
2- केन्द्रीय/राज्य स्तर पर उर्जा का उत्पादन एवं पारेषण एवं वितरण।
3- डॉक घरों सहित डॉक सेवायें।
4- जल, स्वच्छता एवं अवशिष्ठ प्रबन्धन सेवाओं का राज्य/केन्द्र शासित
प्रदेशों में स्थानीय, नगर पालिकायें एवं निकायों स्तर पर संचालन।
5- दूर संचार एवं इन्टरनेट सेवाओं का संचालन।
12-अर्न्तराज्यीय व वाह्य राज्यीय स्तर पर माल/कार्गों सेवाओं की ढुलाई व
आवागमन हेतु अनुमतिः-
1- समस्त आवश्यक सामाग्री का यातायात।
2- रेलवे का संचालनः पार्सल एवं आवश्यक सामग्री का आवागमन।
3- कार्गो आवगमन व राहत एवं बचाव कार्यो की सेंवाओं हेतु विमानपत्तन व
उससे सम्बन्धित सेवायें।
4- अन्तर्देशीय कंटेनर डिपो (प्ब्क्े) का संचालन अधिकृत कस्टम क्लियरिंग
और अग्रेषण एजेंटो सहित परिवहन।
5- आवश्यक सामग्री जैसेः पैट्रोलियम उत्पाद, एल0पी0जी0, खाद्य सामग्री
तथा स्वास्थ्य सम्बन्धित सामग्रियों की आवाजाही।
6- आवश्यक सामग्री के आवागमन हेते समस्त ट्रक व अन्य वाहन जिसमें 02 वाहन
चालक (क्लीनर सहित) वैद्य ड्राईविंग लाईसैंस के साथ, सामग्री की माल
ढुलाई एवं वापसी हेतु खाली ट्रक को अनुमति।
7- राजमार्ग पर अवस्थित ट्रकों की मरम्मत हेतु दुकानों व भोजनालय का
संचालन उप जिलाधिकारी/ नामित प्राधिकारी के अनुमन्यता के आधार पर।
8-रेलवे, आई0सी0डी0एस0 हेतु कर्मचारियों एवं संविदा श्रमिकों को स्थानीय
प्राधिकारी द्वारा जारी अनुमति पत्र के साथ।
13-आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु अनुमति-
1- आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रंखला में सम्मिलित समस्त सुविधायें जैसे
उत्पादन, होल सैल/ रीटेल, बडी ईटें र्मोटर भण्डारण या ई-कॉर्मस कम्पनियों
को सख्ती से सामाजिक दूरी का पालन करते हुये अनुमति जिसमें खोले जाने एवं
बन्द किये जाने के समय की कोई पाबंदी नही होगी।
2- दुकानें (किराना और आवश्यक सामान बेचने वाली एकल दुकानें) और वाहन,
राशन की दुकानों सहित (पी0डी0एस0 सहित), भोजन व किराने का सामान (दैनिक
उपयोग के लिए) स्वच्छता की वस्तुयें, फल व सब्जियॉ, डेरी व दुग्ध बूथ,
मुर्गी, मांस व मछली पशु चारा आदि को सख्ती से सामाजिक दूरी का पालन करते
हुए अनुमति जिसमें खोले जाने एवं बन्द किये जाने के समय की कोई पाबंदी
नहीं होगी।
3-व्यक्तिगत लोगों के आवागमन को न्यूय करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा होम
डिलीवरी को बढ़ावा दिया जाना व समन्वय स्थापित करना।
14-निम्न सूचीबद्ध निजि प्रतिष्ठानों के संचालन हेतु अनुमति।
1- डी0टी0एच0 एवं केबिल के प्रसारण सहित प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया।
2- 50 प्रतिशत क्षमता के साथ प्रौद्योगिकी एवं उससे संबंधित सेवायें।
3- केवल सरकारी गतिविधियों हेतु डाटा एवं कॉल सेन्टर।
4- सरकार द्वारा अनुमोदित ग्राम पंचायत स्तर पर कॉमन सर्विस सेन्टर ;ब्ैब्द्ध।
5- ई-कॉमर्स कम्पनियों व उससे संबंधित आपरेटरों को निर्धारित अनुमति के साथ।
6- कूरियर सेवायें।
7- रसद श्रंखला ;स्वहचेजपबेद्ध से संबंधित बंरगाह, हवाई अड्डे, रेलवे
स्टेशन, कान्टेनर डीपो एवं व्यक्तिगत इकाईयों से जुड़ी कोल्ड स्टोरेज और
वेयर हाउसिंग सेवायें।
8- कार्यालयों एवं आवासीय परिसर की सुरक्षा व अन्य सुविधाओं के प्रबन्धन
से संबंधित सेवायें।
9- ऐसे होटल/धर्मशाला/वैकट हॉल/गेस्ट हाउस/राहत केन्द्र व अन्य
प्रतिष्ठान जिसमें लॉक डाउन के कारण यात्री ठहरे हुए हैं तथा क्वरांटाईन
सुविधाओं हेतु प्रयुक्त किये जाने वाले प्रतिष्ठान।
10- स्व नियोजित व्यक्तियों द्वारा प्रदान की गयी सेवायें जैसे-
इलेक्ट्रीशियन आई0टी मरम्मत, प्लंबर, मोटर यांत्रिक और बढ़ई आदि।
15- निम्न सूचीबद्ध उद्योग/औद्योगिक प्रतिष्ठान (सरकारी व निजि) के
संचालन हेतु अनुमति-
1- नगर निगम व नगर पालिका की सीमा से बाहर अवस्थित ग्रामीण क्षेत्रों में
संचालित उद्योग।
2- औद्योगिक आस्थान में अवस्थित उत्पादन व अन्य औद्योगिक इकाईयों निर्यात
उन्मुख इकाई (म्व्ैऐ) औद्योगिक क्षेत्र एवं औद्योगिक शहर। इन समस्त
प्रतिष्ठानों में कार्यरत समस्त कार्मिक हेतु अपने यहॉ अथवा निकटतम अन्य
इमारत में पैरा 21 के बिन्दु संख्या-02 के अनुसार मानक संचालन प्रोटोकॉल
(ैव्च्ऐ) के अनुसार व्यवस्था करेंगे। इन कार्मिक को लाने व ले जाने हेतु
यातायात की व्यवस्था निर्धारित सामाजिक दूरी का पालन करते हुए नियोक्ता
द्वारा की जाएगी।
3- दवाओं, चिकित्सा संबंधित उपकरणों, कच्चे माल व आवश्यक वस्तुओं की
निर्माण इकाईयॉ।
4- नगर निगम व नगर पालिकाओं की सीमा से बाहर अवस्थित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग।
5- उत्पादन इकाईया जिन्हें निरन्तर प्रसंस्करण और उनकी आपूर्ति श्रंखला
की आवश्यकता पड़ती है।
6- सूचना प्रौद्योगिकी हार्डवेयर के निर्माण की इकाईयॉ।
7- खानों और खनिज उत्पादन, उनके परिवहन व खनन कार्य व संबंधित गतिविधियॉ।
8- पैकेजिंग सामग्री की निर्माण इकाईयॉ।
9- नगर निगम/नगर पालिकाओं की सीमाओं से बाहर ईट भट्टे।
16-निम्न सूचीबद्ध निर्माण कार्यों हेतु अनुमति।
1- नगर निगम व नगर पालिकाओं की सीमा से बाहर सड़कों का निर्माण, सिचांई
परियोजनाएं, इमारतें एवं समस्त प्रकार के औद्योगिक परियोजनाएं
(डैडम्ेसहित) आद्योगिक क्षेत्र में अवस्थित समस्त परियोजनाएं।
2- अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं का निर्माण।
3- नगर निगम व नगर पालिकाओं की सीमा के अंतर्गत जहॉ पर श्रमिक उपलब्ध हैं
एवं बाह्य श्रमिकों की आवश्यकता नहीं है उन स्थानों पर निर्माण परियोजना
से संबंधित गतिविधियॉ को जारी रखना।
17-व्यक्तियों क आवागमन हेतु निम्न स्थितियों में अनुमति-
1- निजी वाहनों के आवश्यक वस्तुओं के परिचालन/आपात कालीन सेवाओं के लिए
परिचालन की यथा-चिकित्सकीय व पशु सेवाओं को सम्मिलित करते हुए अनुमति
प्रदान की जायेगी तथा चार पहिया वाहन के प्रकरण में ड्राईवर के अतिरिक्त
पीछे की सीट पर मात्र एक व्यक्ति के लिए तथा दो पहिया वाहन के प्रकरण में
केवल वाहन चालक के लिए अनुमति होगी।
2- छूट प्राप्त श्रेणियों में कार्यरत सभी कार्मिकों को कार्यस्थल पर
जाने एवं वापस आने की अनुमति है।
18-निम्नानुसार भारत सरकार के समस्त कार्यालय एवं इनके
स्वायत्तशासी/अधीनस्थ कार्यालयों को खोले जाने की अनुमति-
1- रक्षा, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण,
आपदा प्रबन्धन और प्रारंिभक चेतावनी एजेंसियों (प्डक्एप्छब्व्प्ैए ै।ैम्,
ब्ॅब्द्धए नेशनल इफार्मेटिकस सेन्टर (छप्ब्), भारतीया खाद्य निगम
(थ्ब्प्), छब्ब् नेहरू युवा केन्द्र (छल्ज्ञ) बिना किसी प्रतिबंधों के
साथ।
2- केन्द्र सरकार व उसके अधीनस्थ कार्यालयों उप सचिव स्तर की 100 प्रतिशत
उपस्थिति के साथ तथा अन्य स्तर के अधिकारियों की 33 प्रतिशत उपस्थिति के
साथ।
19- जनपद स्तरीय समस्त कार्यालयो एवं इनके स्वायत्तशासी /अधीनस्थ
कार्यालयों को खोले जाने की अनुमति-
1- पुलिस, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा, अग्नि और आपातकालीन सेवायें, आपदा
प्रबन्धन जेल और नगर पालिका सेवायें बिना किसी प्रतिबंध के।
2- समूह ‘क’ व ’ख’ के अधिकारी आवश्यकतानुसार उपस्थित हो सकते हैं। समूूह
’ग’ एवं उससे निचले स्तर के अधिकारी 33 प्रतिशत क्षमतानुसार सामाजिक दूरी
का पालन करते हुये उपस्थित होगें। सार्वजनिक सेवाओं की पूर्ति सुनिश्चित
की जायेगी तथा आवश्यक कार्मिकों की तैनाती उक्त उदेद्श्य की पूर्ति हेतु
की जायेगी।
3- जिला प्रशासन व कोषागार प्रतिबन्धित कार्मिकों की संख्या के साथ कार्य
करेंगे। यद्यपि सार्वजनिक सेवाओं की पूर्ति सुनिश्चित की जायेगी तथा
आवश्यक कार्मिकों की तैनाती उक्त उदेद्श्य की पूर्ति हेतु की जायेगी।
4- वन कार्यालयः चिडि़याघर, नर्सरी, वन्य जीव, वनाग्नि, वृक्षारोपण व
संरक्षण तथा आवश्यक यातायात हेतु सम्बन्धित कार्मिकों के साथ खुले
रहेंगे।
20- अनिवार्य फनंतंदजपदम के अन्तर्गत रहने वाले व्यक्तियों हेतु निर्गत
दिशा निर्देश-
1- ऐसे सभी व्यक्ति जिन्हें स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा अनिवार्य रूप से
गृह/संस्थागत फनंतंदजपदम हेतु स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन द्वारा निश्चित
अवधि के लिये निर्देशित किया गया है द्वारा फनंतंदजपदम अवधि का पालन किया
जायेगा।
2- अगर कोई व्यक्ति फनंतंदजपदम दिशा-निर्देशों का उल्लघंन करता है तो
उसके विरूद्व प्च्ब्.1860 की धारा-188 के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी।
3- ऐसे समस्त व्यक्ति जो भारत में 15.02.2020 के बाद आयें है तथा जिनकी
फनंतंदजपदम अवधि समाप्त हो चुकी है उनका बवअपक.19 टैस्ट नकारात्मक आया
है, गृह मंत्रालय भारत सरकार के मॉनक प्रचालन प्रोटोकॉल के अन्तर्गत दिय
गये निर्देशों के क्रम में छोड़ दिया जायेगा।
21-उपरोक्त तालाबन्दी (स्वबाकवूद) को लागू किये जाने हेतु दिशा-निर्देश-
1- अनुलग्न-1 में निर्दिष्ट राष्ट्रीय बवअपक.19 दिशा-निर्देशों का नगर
मजिस्ट्रेट/समस्त उप जिलाधिकारी/समस्त सेक्टर मजिस्ट्रेट/सम्बन्धित
प्राधिकारी द्वारा सख्ती से अनुपालन कराया जायेगा। इन दिशा-निर्देशों का
उल्लंघन करने पर सम्बन्धित व्यक्ति से जुर्माना वसूल किया जायेगा।
2- सभी औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, कार्य स्थल कार्यालय आदि अपना
कार्य आरम्भ किये जाने से पूर्व अनुलग्न-2 में निर्दिष्ट मानक प्रचालन
प्रौटोेकॉल के क्रियान्वयन की व्यवस्था करेंगे।
3- समस्त प्दबपकमदज ब्वउउंदकमत विभिन्न क्षेत्रों में रोकथाम उपायों को
लागू किये जाने हेतु उत्तरदायी होगें। अन्य समस्त स्पदम क्मचंतजउमदजे इन
सम्बन्धित क्षेत्रों में प्दबपकमदज ब्वउउंदकमत के दिशा-निर्देशों में
कार्य करेगे। प्दबपकमदज ब्वउउंदकमत आवश्यक सेवाओं की पूर्ति हेतु अनुमति
पत्र जारी करेंगे। प्दबपकमदज ब्वउउंदकमत की तैनाती अधोहस्ताक्षरी द्वारा
पूर्व में ही आदेश संख्या-5065/13-आ0प्रब0-क्म्व्ब्/2019.20 दिनांक-
28.03.2020 के द्वारा की जा चुकी है।
4- प्दबपकमदज ब्वउउंदकमत विशेष रूप से सुनिश्चित करेंगे कि समस्त
चिकित्सालयों के बुनियादी ढॉचे के उन्नयन एवं विस्तार हेतु आवश्यक
संसाधन, श्रमिकों और सामग्री की उपलब्धता बिना किसी बाधा के जारी रहेगी।
5- अतिरिक्त गतिविधियों जो उपरोक्त दिशा-निर्देशों में वर्णित की गयी है,
इनका क्रियान्वयन चरणबद्व तरीके से सख्ती से अनुपालन करते हेये किया
जायेगा। यह दिशा-निर्देश 20 अप्रैल, 2020 के बाद प्रभावी होंगे।
22- दंड के प्राविधान-
1- कोई भी व्यक्ति जो इन लॉकडाउन उपायों का उल्लंघन कर रहा है, उस पर
आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के प्राविधानों के तहत्
तथा प्च्ब् की धारा 188 के अन्तर्गत कानूनी कार्यवाही की जायेगी। जिसका
सार अनुलग्न-3 में दिया गया है।
अतः गृह मन्त्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा आदेश संख्या-40-3/2020
-डी.एम.-1(ए) दिनांक-15.04.2020 द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों के क्रम
में दिनांक-20 अप्रैल, 2020 से अनुमन्य उपरोक्त क्रियाकलापों को संचालित
किये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए कड़ाई से
अनुपालन सुनिश्चित कराने का कष्ट करें।